रमज़ान-ul-Mubarak मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र महीना है। इस दौरान हम रोज़े रखते हैं, नमाज़ पढ़ते हैं, कुरान पढ़ते हैं और खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन कई लोगों के मन में एक आम सवाल रहता है:
“क्या रमज़ान में बाल कटवा सकते हैं? नाखून काट सकते हैं? क्या इससे रोज़ा टूट जाता है?”
बहुत से लोग सोचते हैं कि रमज़ान में बाल या नाखून नहीं काटने चाहिए, वरना रोज़ा बर्बाद हो जाएगा। लेकिन यह एक गलतफहमी है। इस्लामी उलेमा की आम राय के मुताबिक, रोज़े की हालत में बाल कटवाना, नाखून काटना या शरीर की सफाई करना पूरी तरह जायज़ है और इससे रोज़ा नहीं टूटता।
क्यों जायज़ है? शरई दलीलें
इस्लाम में रोज़े को तोड़ने वाली चीज़ें साफ़ तौर पर कुरान और हदीस में बताई गई हैं – जैसे खाना-पीना, जानबूझकर उल्टी करना, सेक्स करना आदि। बाल काटना या नाखून काटना इनमें शामिल नहीं है।
यह काम सिर्फ फितरत (प्राकृतिक सफाई) का हिस्सा हैं। नबी ﷺ ने फितरत की पांच चीज़ों का ज़िक्र किया है, जिनमें बाल और नाखून साफ करना शामिल है (सहीह बुखारी और मुस्लिम)।
- रोज़े में इन कामों से कोई खुराक अंदर नहीं जाती, न कोई ऐसी चीज़ होती है जो रोज़े को बिगाड़े।
- अगर यह मना होता, तो नबी ﷺ या सहाबा से इसका ज़िक्र मिलता, लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं है।
प्रमुख उलेमा और संस्थाओं की राय
- IslamQA.info (शेख मुहम्मद सालेह अल-मुनज्जिद और अन्य): रोज़े में नाखून काटना, बाल हटाना या सफाई करना जायज़ है। इससे रोज़ा नहीं टूटता।
- IslamWeb.net: रोज़ेदार के लिए नाखून काटना, मूंछ ट्रिम करना या फितरत के काम करना जायज़ है। सिर्फ इहराम (हज/उमरा) या कुर्बानी वाले (ज़ुल-हिज्जा के पहले 10 दिन) में यह मना है।
- Permanent Committee for Scholarly Research and Ifta (Saudi Arabia): बाल शेव करना, नाखून काटना, बगल/प्यूबिक हेयर हटाना – रोज़े को नहीं तोड़ता।
- Mufti Faiz Syed, Mufti Akmal, Mufti Tariq Masood (भारतीय/पाकिस्तानी उलेमा): रोज़े में बाल कटवाना, नाखून काटना या शरीर के बाल साफ करना बिल्कुल जायज़ है। कोई हरज नहीं।
- Muslim.sg और अन्य साइट्स: स्पष्ट लिखा है कि रमज़ान में बाल कटवाना जायज़ है और रोज़ा बरकरार रहता है।
ध्यान दें: सिर्फ एक खास मामला है – अगर कुर्बानी करने वाला ज़ुल-हिज्जा के पहले 10 दिनों में बाल/नाखून काटे तो मकरूह है (कुछ उलेमा के नज़दीक हराम), लेकिन रमज़ान में ऐसा कोई नियम नहीं।
आम गलतफहमियां और सच्चाई
- गलतफहमी: रमज़ान में सफाई नहीं करनी चाहिए, वरना बरकत जाती है। सच्चाई: सफाई इस्लाम में हमेशा अच्छी है। रमज़ान में भी साफ-सुथरा रहना सुन्नत है।
- गलतफहमी: बाल कटवाने से रोज़ा टूट जाता है। सच्चाई: नहीं टूटता। सिर्फ अगर बहुत सारे बाल मुंह में चले जाएं और निगल लिए जाएं (जो आमतौर पर नहीं होता), तो सावधानी बरतें – लेकिन बाल कटवाने से रोज़ा प्रभावित नहीं होता।
- गलतफहमी: सिर्फ रात में काटना चाहिए। सच्चाई: दिन में भी जायज़ है।
निष्कर्ष
रमज़ान में बाल कटवाना, दाढ़ी ट्रिम करना, नाखून काटना या कोई भी सफाई का काम करना जायज़ है। इससे रोज़ा नहीं टूटता, बल्कि साफ-सफाई बनाए रखना अच्छा है – क्योंकि इस्लाम पाक-साफ़ रहने का दीन है।
अगर आप इहराम में हैं (उमरा/हज) या कुर्बानी के लिए ज़ुल-हिज्जा के पहले 10 दिन हैं, तो अलग नियम हैं – लेकिन आम रमज़ान के रोज़ों में बेफिक्र रहें।
अल्लाह हमारे रोज़े कबूल फरमाए और हमें नेकी की तौफीक दे। आमीन। 🌙✂️
